सावन में बाबाधाम जा रहे तो जान लें ये बातें, सरकार दे रही सहूलियतें

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श्रावण में दिव्यांगों, महिलाओं, बुजुर्गों, गरीबों के लिए जसीडीह से देवघर, देवघर से बासुकिनाथधाम तक निःशुल्क बस सेवा का उदघाटन मुख्यमंत्री करेंगे

  • मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों से देवघर सपरिवार आने अपील की और कहा कि मनोकामना ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण कर पुण्य के भागी बनें।
  • मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, सभी राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर मेला में आने का आमंत्रण दिया

रांची। मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा है कि देवघर मेला क्सेषेत्र में कई सुविधाएं मिलेंगी। देवघर से वासुकिनाथ धाम तक सांस्कृतिक टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। श्रावणी मेला का प्रचार-प्रसार पूरे देश में किया जा रहा है। इससे संबंधित होर्डिंग, बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों में लगाये जा रहे हैं। रेडियो, टीवी, समाचार पत्र आदि में विज्ञापन दिए जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालु जैसे ही दुम्मा से देवघर की ओर प्रवेश करेंगे ऊँ नमः शिवाय का संगीत सुनाई देगा। श्रावणी मेला को ख्याति प्रदान करने में मीडिया की अहम भूमिका है। प्रतिदिन मेला की गतिविधियों की ब्रीफिंग की जाएगी तथा मीडियाकर्मी की नजर में कोई कमी या त्रुटि दिखाई देगी तो मीडिया फीडबैक के लिए देवघर और वासुकिनाथ में बनाए गए व्हाट्स्एप ग्रूप में सूचना देंगे, जिस पर तत्क्षण कार्रवाई कर उसी ग्रूप में की गई कार्रवाई की सूचना दी जाएगी। देवघर तथा वासुकिनाथधाम में ना केवल स्थानीय मीडिया कर्मियों के लिए ही नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले मीडिया कर्मियों के लिए भी वातानुकूलित मीडिया सेंटर बनाया गया है, जिसका उपयोग कर वे समाचार संप्रेषित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला पूर्णतः श्रद्धालुओं के डोमेन में रहेगा। श्रद्धालुओं को कोई भी परेशानी होने पर @dasraghubar पर ट्वीट कर अपनी परेशानी बताएंगे, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा। मेला के दौरान मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं से सीधी वार्ता भी करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर में क्यू काॅमप्लेक्स के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो गया है। इसके द्वारा जलार्पण के लिए रूट लाईनिंग का कार्य इस श्रावणी मेला में होगा। उन्होंने यह घोषणा की कि श्रावण के बाद क्यू काॅमप्लेक्स का दूसरा चरण का कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेला में प्रत्येक वर्ष श्रध्दालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। पिछले वर्ष देवघर में 35 लाख 63 हजार और वासुकिनाथधाम में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था। मेला के बाद आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर से वासुकिनाथ धाम के बीच जल्द ही फोरलेन सड़क तथा स्ट्रीटलाईट लगाते हुए देवघर वासुकिनाथ धाम को जोड़ा जाएगा। कावंरियों के चलने के लिए महीन बालू पथ बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर में 2500 श्रद्धालुओं के तथा वासुकिनाथ धाम में 1000 श्रद्धालुओं  के आवासन हेतु टेन्ट सिटी की व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें आवासन के साथ-साथ शौचालय, स्नानागर एवं मोबाइल चार्जिंग व एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कांवरियों का भक्तिपूर्ण मनोरंजन करने के साथ-साथ जलार्पण संबंधी कई महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रेषित की जायेंगी। बाघमारा और कोठिया में 1000 तथा जसीडीह में 500 और वासुकिनाथ धाम में 1000 श्रद्धालुओं के आवासन की सुविधा  टेंट सिटी में दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना और रांची रेलवे स्टेशन, रांची एयरपोर्ट, सुलतानगंज में झारखण्ड की ओर से पर्यटन सूचना केन्द्र बनाया जाएगा। साथ ही सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से गिरिडीह के झारखण्डीधाम, खूंटी के आम्रेश्वरधाम, साहेबगंज के शिवगादी में सूचना केन्द्र लगाए जाएंगे तथा श्रावणी मेला का पूरा प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मेला में इंटीग्रेटेड डिजास्टर मैनेजमेंट क्राउड कन्ट्रोल सुविधा के साथ मंदिर में चढ़ावा के उपरांत निर्माल्य रूप में प्राप्त बेलपत्रों फूलों आदि को तुरंत सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट सिस्टम के तहत प्रोसेस किया जाएगा। मेला में कांवरिया पथ पर कूल पेन्ट लगाए गए हैं, ताकि पैरों में जलन न हो। साथ ही पथ पर महीन बालू भी बिछाये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर से सटे सुविधा भवन में अस्थाई ट्रामा सेंटर की सुविधा दी गई है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हेतु लगभग 100 चिकित्सक एवं 250 मेडिकल स्टाफ एवं 20 एम्बूलेंसों की भी व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला में सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 12,000 पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में की गई है। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र के माॅनिटरिंग हेतु एक स्थान पर लाईव कन्ट्रोल रूम के साथ सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में इस बार 18 अस्थाई ओपी एवं यातायात व्यवस्था को दुरूस्त रखने हेतु 11 ट्रैफिक ओपी की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा एटीएस , रैफ, एन डी आर एफ, सी आर पी एफ के साथ-साथ पुलिस वालेन्टियर की भी मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्ति की गयी है। सुरक्षा के दृष्टि से ड्रोन कैमरे एवं 200 सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि शौचालय की संख्या में भी इजाफा किया गया है। लगभग 2000 (बायो टायलेट, मोबाईल टाॅयलेट एवं स्थाई शौचालय) की व्यवस्था भी आगन्तुक श्रद्धालुओं के लिए की गई है। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को साफ रखने हेतु 700 सफाई कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में चैबीस घंटे निर्वाध बिजली की व्यवस्था मुहैया करायी जायेगी। इसके साथ जनरेटर के इंतजाम भी किये गए है। बाबा नगरी को स्ट्रीट लाईट,एलईडी लाईट एवं शिवगंगा के चारों ओर 05 (पाँच) हाई मास्ट लाईट भी लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिस्ट शावर सिस्टम, इसके अलावा सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत दिलाने के लिए 95 प्वाइंट पर इन्द्र वर्षा की व्यवस्था,  हिलियम बैलून, (ड्रोन कैमरा), चार धाम एवं बारह ज्योतिर्लिंग के प्रतिकृति का दर्शन, बाबाधाम एप्प, वाहनों के बेहतर पार्किंग के लिए बाघमारा,घोरमारा एवं हथगढ़ में हाईटेक अस्थाई वाहन पड़ाव स्थल बनाया गया है। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र मे 28 सूचना केंद्र का निर्माण जनसम्पर्क  विभाग द्वारा किया गया है। श्रद्धालुओं के मनोरंजन हेतु  41 एलईडी आउटडोर डिस्प्ले स्क्रीन तथा कई सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वासुकिनाथधाम में श्रावणी मेला में पूरे मेला क्षेत्र में लगभग 200 सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा बलों के आवासन के लिए भी इस वर्ष 500 क्षमता वाले टेन्ट सिटी का निर्माण किया गया है। वासुकिनाथधाम में 20 बेडेड एयर कन्डिसनर अस्थाई हाॅस्पीटल का निर्माण किया गया है। 1000 की क्षमता का टेंट सिटी के अलावा 5 अन्य आवासन केन्द्र बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वसुकिनाथधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सोमवार एवं मंगलवार को श्रद्धालु अर्घा के माध्यम से जलार्पण की सुविधा दी गई है तथा मेला क्षेत्र में जगह-जगह पर इन्फार्मेशन कियोस्क लगाया गया है। मीडिया के लिए वातानाकुलित मीडिया सेन्टर तथा श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए मयूराक्षी कला मंच, शिवगंगा के चारों ओर पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था तथा एनडीआरएफ की टीम 24×7 उपस्थित रहेगी। शुद्ध पेयजल के लिए जगह-जगह पर वाटर एटीएम स्थापित किये गए हैं। माई स्टाम्प ड्राइव के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने फोटो का स्टाम्प बनाकर प्रयोग कर सकता है। वरचुअल रियलिटी के माध्यम से श्रद्धालुगण मंदिर के गर्भगृह एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के साथ अपनी उपस्थिति का अनुभव कर सकते हैं।

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