राजस्थान सरकार को बिहार ने किया 1 करोड़ किराये का भुगतान

0
180
गृहमंत्री अमित शाह के वर्चुअल संवाद की सफलता से राजद के होश उड़ गये हैं। यह दावा किया है बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने।
गृहमंत्री अमित शाह के वर्चुअल संवाद की सफलता से राजद के होश उड़ गये हैं। यह दावा किया है बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने।

पटना। राजस्थान सरकार को बिहार सरकार ने किराये के मद में 1 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कोटा से बिहार के बच्चे आये थे। उनका किराया बिहार ने चुकाया है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजस्थान की सरकार ने जब कोटा में फंसे 18 हजार बिहारी छात्रों के ट्रेन का किराया देने से हाथ खड़ा कर दिया, तब बिहार ने करीब एक करोड़ का भुगतान कर 16 विशेष ट्रेनों के जरिए सभी को बिहार बुलाया।

उन्होंने कहा कि इन छात्रों को वापस लाने के लिए कांग्रेस और राजद के लोगों ने 3 हजार बसें व 500 ट्रेन देने का थोथा वायदा किया, मगर जब छात्रों को लाने की बारी आई तो वे लापता हो गए। अगर राजद-कांग्रेस के लोगों में नैतिकता बची हो तो उन्हें छात्रों को लाने से बच गई राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करा देना चाहिए।

- Advertisement -

श्री मोदी ने कहा कि 1200 विशेष श्रमिक ट्रेनों के जरिए अब तक 15 लाख से ज्यादा प्रवासी बिहार आ चुके हैं। राजस्थान के कोटा से आने वाली ट्रेन के अलावा किसी भी दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेन के लिए बिहार सरकार को किराया जमा नहीं करना पड़ा है। इसलिए कि जहां से ट्रेन खुलती है, किराया की व्यवस्था करना उस राज्य की जिम्मेवारी है। राज्य सरकार का निर्णय है कि जिन श्रमिकों को किराया देना पड़ा है, क्वारंटाइन के बाद उन्हें उसका भुगतान किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1200 किमी. दूर कोटा में फंसे 18 हजार छात्रों को लाने के लिए करीब 750 बसों की जरूरत पड़ती और उन्हें कम से कम 4 दिन की परेशानी भरा सफर करना पड़ता। मगर राज्य सरकार की पहल पर केन्द्र से मिली विशेष ट्रेन के जरिए महज 17-18 घंटे में सकुशल अपने घर आए छात्रों व उनके अभिभावकों की खुशी राजद और कांग्रेस को देखी नहीं जा रही है।

कोटा के छात्रों को झांसा देने वाली कांग्रेस अपने नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों को केरल भेजने के लिए 3 बसों का किराया चुकाया। बिहारियों की सहायता के लिए फर्जी टाल फ्री नम्बर जारी करने वाली कांग्रेस को बताना चाहिए कि अब तक उसने कितने बिहारियों को लाने का खर्च उठाया है।

यह भी पढ़ेंः सुशील मोदी ने कहा- नरसंहारों का दौर हम नहीं लौटने देंगे

- Advertisement -