महिलाओं की उद्यमिता व कौशल को बढ़ावा दे रहा है केंद्र : राजीव

0
66
पटना। केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं की उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा देने की बात कहते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्यों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने अपने चार वर्षों में महिलाओं की उद्यमिता तथा उनकी नेतृत्व क्षमता को उभारने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनका अपेक्षित परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत महिलाओं को रोजगार/स्वरोजगार के लिए तैयार करने के लिए 11 लाख से अधिक महिलाओं को अलग-अलग तरह के हुनर में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने के बाद जो महिलाएं अपना खुद का कोई उद्यम स्थापित करना चाहती हैं, सरकार ने उसका भी ख्याल रखा है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए मुद्रा योजना तथा स्टैंड-अप इण्डिया योजना के अंतर्गत महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आज सरकार उनकी जरूरत के हिसाब से लोन प्रदान कर रही है। मुद्रा योजना के तहत अभी तक 13.22 करोड़ से अधिक के लोन वितरित किए जा चुके हैं, जिसके लाभार्थियों में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं स्टैंड-अप इण्डिया के तहत हर बैंक शाखा को 10 लाख से 1 करोड़ तक के लोन देने का प्रावधान किया गया है। आज लाखों महिलाएं इस योजना का लाभ उठाते हुए अपना व्यवसाय कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को नौकरी मांगने वाले की जगह नौकरी प्रदान करने में सक्षम बनाने का है और आज इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।”
श्री रंजन ने आगे कहा, “आज केंद्र सिर्फ महिलाओं को उद्यमी ही नहीं बना रहा, बल्कि उनके व्यावसायिक उत्पादों के लिए बाजार भी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है। केंद्र द्वारा शुरू किए गए ई-हाट के द्वारा आज महिलाओं को ऐसा प्लेटफ़ॉर्म दिया जा रहा है, जहां महिला व्यवसायी अपने बनाए गए उत्पादों का प्रदर्शन कर सकती हैं। इस ऑनलाइन मार्केट के तहत जो महिलाएं कल तक अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पंहुचा तक नहीं पाती थीं, वे आज अपने तैयार उत्पादों को पूरे देश में बेच पा रही हैं।
इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के हित में फैसला लेते हुए केंद्र ने मातृत्व अवकाश को 12 हफ्तों से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया। आज कुल बैंक खातों में महिलाओं की भागीदारी 28% से बढ़ कर 41% हो गयी है। केंद्र के प्रयासों से दशकों से सामाजिक और आर्थिक मापदंडों पर पिछड़ी कही जाने वाली देश की महिलाएं आज बढ़-चढ़ कर सरकार की इन योजनाओं में भागीदार बन रही हैं। यह सरकार के निरंतर प्रयासों और कुशल आर्थिक नीतियों का ही परिणाम है कि आज देश की महिलाओं की स्थिती विकास के सभी मापदंडो पर ऊपर उठ रही हैं।”
यह भी पढ़ेंः
- Advertisement -