ममता बनर्जी के घर में फूट पड़ गयी, भाई कार्तिक बने बागी

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बंगाल असेंबली इलेक्शन में खेला होगा और इस खेल की रेफरी होंगी ममता बनर्जी। इस बार इस बार बंगाल असेंबली इलेक्शन नारों के सहारे लड़ा जाएगा।
बंगाल असेंबली इलेक्शन में खेला होगा और इस खेल की रेफरी होंगी ममता बनर्जी। इस बार इस बार बंगाल असेंबली इलेक्शन नारों के सहारे लड़ा जाएगा।
  • डी. कृष्ण राव

कोलकाता। ममता बनर्जी के घर में फूट पड़ गयी है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी जहां टीएमसी के लिए जी जा-जान से जुटे हैं, वहीं कार्तिक बनर्जी बागी बन गये हैं। ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी बीजेपी के लिए विभीषण की भूमिका में आ गये हैं। कार्तिक तो यहां तक दावा है कि राज्य की मुख्यमंत्री टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के घर में ही कमल खिलेगा। इसका पता कार्तिक बनर्जी के बयानों से चलता है।

कार्तिक ने कहा है कि ममता सामने परिवारवाद का बिरोध करेंगी, आम लोगों तक सुविधा पहुंचाने की बात करेंगी, लेकिन काम करते समय केवल परिवार तक ही सुविधा पहुंचाएं। यही ममता बनर्जी की कार्य संस्कृति बन गयी है। कार्तिक से जब पूछा गया कि आप क्या भाजपा में शामिल होंगे तो इस सवाल का जवाब उन्होंने ऐसा दिया, जो काफी महत्वपूर्ण है।

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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में क्या होगा, कोई बता नहीं सकता। कल मैं क्या करुंगा, मुझे खुद पता नहीं। इस बयान के बाद से अटकलें तेज हो गयी हैं कि कार्तिक बीजेपी का ढंडा थाम सकते हैं। सनद रहे कि कुछ ही दिन पहले कांथी में आयोजित एक सभा से टीएमसी छोड़ बीजेपी में गये शुभेन्दु अधिकारी ने दावा किया था कि अपने घर में कमल तो खिलाएंगे ही, हरीश चटर्जी मार्ग से भी कमल खिला कर रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शुभेन्दु अपना वादा निभाने जा रहे है। हरीश चटर्जी मार्ग पर ही ममता बनर्जी का घर है।

सेंट्रल फोर्स की 800 कंपनियां चुनाव से पहले ही आ सकती हैं

विधनसभा चुनाव को लेकर अभी से राज्य में बढ़ रही हिंसा व आतंक के माहौल से निपटने के लिए 800 कंपनी सेंट्रल फोर्स (केंद्रीय बल) को उतारा जा सकता सकता है। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक कुछ दिन पहले केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम सदस्यों ने केंद्रीय गृह सचिव से मिलकर बंगाल के चुनाव पर चर्चा की थी। बंगाल में सात चरणों में चुनाव हो सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव  में राज्य में 749 कंपनी केंद्रीय फोर्स का इस्तेमाल किया गया था। इसके पहले बिहार में 243 सीटों के लिए 3 चरणों में चुनाव हुए थे और केवल 300 कंपनी फोर्स लगाया गया था। यानी बंगाल में इस बार लोकसभा चुनाव की तुलना में 51 कंपनी ज्यादा फोर्स लाया जा रहा है।

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