बिहार में राज्यसभा के सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे

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दूसरी बार राज्यसभा जाने के लिए उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करते हरिवंश
दूसरी बार राज्यसभा जाने के लिए उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करते हरिवंश

पटना। बिहार में राज्यसभा के सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे। नामांकन की आखिरी तारीख आज खत्म हो गयी। खाली हुई 5 सीटों पर 5 ही उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें एनडीए खेमे से जेडीयू ने 2 उम्मीदवार व भाजपा ने एक उम्मीदवार दिये हैं। दूसरी ओर महागठबंधन में सिर्फ आरजेडी ने 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वोटों के गणित के हिसाब से एनडीए के तीनों और आरजेडी के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होंगे।

जेडूयू ने पत्रकारिता से राजनीति में आये हरिवंश और कर्पुरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया था। हरिवंश फिलहाल राज्यसभा के उपसभापति भी हैं। उनके इस पद पर बने रहने की संभावना अब पक्की हो गयी है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दोनों को राज्यसभा भेजने के फैसले की सर्वत्र सराहना हो रही है।

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विपक्षी दल आरजेडी के उम्मीदवार चयन को लेकर नुख्ताचिनी जारी है। इसके दोनों उम्मीदवारों में प्रेमचंद गुप्ता हरियाणा के रहने वाले हैं और 1990 के दशक से ही आरेजीडी की पसंद रहे हैं। दूसरे उम्मीदवार के बारे में किसी ने अभी तक चर्चा भी नहीं सुनी थी। वे मूलतः कारोबारी हैं और समाज सेवा के कार्यों में भी रुचि रखते हैं। आलोचना इस बात को लेकर हो रही है कि पार्टी में तीन ऐसे चेहरे थे, जिन्हें आरजेडी राज्यसभा भेज सकता था। इनमें रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवानंद तिवारी और जगदानंद सिंह थे। इनकी पार्टी ने उपेक्षा कर दूसरे को तरजीह दी।

इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यसभा चुनाव को सेमीफाइनल माना जा रहा था। इसमें एनडीए को कामयाबी मिल गयी, जबकि महागठबंधन की हवा निकल गयी। कांग्रेस ने दूसरी सीट पर दावा ठोंका था। कांग्रेस ने गठबंधन की शर्तों का भी हवाला दिया, लेकिन आरजेडी ने किसी तरह के वादे से इनकार करते हुए अपना उम्मीदवार उतार दिया।

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