नरेंद्र मोदी पर नाराजगी का कारण अब जाकर समझ में आया

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नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बिहार और बंगाल से 3-3 लोगों को मंत्री बनाये जाने की संभावना है। मोदी मंत्रिमंडर का विस्तार शीघ्र होना है।
नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बिहार और बंगाल से 3-3 लोगों को मंत्री बनाये जाने की संभावना है। मोदी मंत्रिमंडर का विस्तार शीघ्र होना है।
  • सुरेंद्र किशोर
सुरेंद्र किशोर, वरिष्ठ पत्रकार
सुरेंद्र किशोर, वरिष्ठ पत्रकार

नरेंद्र मोदी से अलप्संख्यक तबके की नाराजगी का पता अब जाकर चल रहा है। अल्पसंख्यकों का जेहादी तबका नरेंद्र मोदी पर ही खफा क्यों है! याद रहे कि अल्पसंख्यक समुदाय के सारे लोग जेहादी प्रवृति के नहीं हैं। जो जेहादी नहीं हैं, वे मिलजुल कर शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं।

दरअसल इस देश के भीतर व बाहर के जेहादियों को लग रहा है कि उनके ‘गजवा ए हिन्द’ के अभियान में सबसे बड़ी बाधा नरेंद्र मोदी ही हैं। जेहादी तत्व इस देश में ‘निजाम ए मुस्तफा’ कायम करना चाहते हैं। (इस्लाम धर्म की परिभाषा में उन लड़ाइयों को गजवात कहा जाता है, जिनमें पैगम्बर साहिब साथ थे।)

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अक्सर मोदी पर नाराजगी का बहाना सन 2002 के गुजरात दंगे को बनाया जाता है। तब नरेंद्र मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे। पर, इस एक सवाल का कोई जवाब नहीं देता। सवाल यह है कि गुजरात में 2002 में सरकारी मदद से कौन-सा अतिरिक्त अनर्थ हो गया था, जैसा अनर्थ उससे पहले के किसी सांप्रदायिक दंगे में नहीं हुआ था?

कोई चाहे तो अब भी जवाब दे सकता है। ‘अंध मोदी विरोधी’ लोग यह क्यों भूल जाते हैं कि 1989 के भागलपुर दंगों में अल्पसंख्यकों के साथ अपेक्षाकृत अधिक क्रूरता हुई थी। गुजरात में तो 59 निर्दोष कारसेवकों को गोधरा में ट्रेन में जिंदा जला देने की प्रतिकिया में दंगे हुए। किंतु कांग्रेस शासित बिहार के भागलपुर में तो तब एस.पी. की जीप पर बम फेंक देने मात्र की घटना की प्रतिक्रिया में एक हजार से अधिक लोगों की जानें ले ली गईं।

गुजरात में करीब साढ़े सात सौ अल्पसंख्यक मरे तो वहां पौने तीन सौ बहुसंख्यक समुदाय के लोग भी मरे। दंगाइयों की भीड़ से लोगों को बचाने के लिए करीब 200 पुलिसकर्मियों को भी तब गुजरात में अपनी जानें गंवानी पड़ी थीं। कोई बताए कि भागलपुर दंगे में बहुसंख्यक समुदाय के कितने लोग मरे? कितने पुलिसकर्मी दंगाइयों से लोगों की जान बचाने के क्रम में भागलपुर में शहीद हुए? अब आई न बात समझ में!

इस देश में सक्रिय जेहादियों की योजना की खबर पर जिन्हें शक हो वे 30 सितंबर, 2001 का टाइम्स आफ इंडिया पढ़ लें। अन्यत्र भी ऐसी बातें मिल जाएंगी। तथाकथित सेक्युलर दलों व बुद्धिजीवियों से जिस दिन जेहादी तत्व मोदी के बराबर का अपना दुश्मन आपको भी मान लेंगे, उसी दिन से नरेंद्र मोदी का वोट कम होने लगेगा। उससे पहले मोदी की ताकत जनता में बढ़ती जाएगी। अभी तो इसी कारण आपकी ताकत घटती जा रही है। क्योंकि आप लोग अक्सर जेहादियों के पक्ष में जा खड़े होते हैं।

आपका यह तर्क नहीं चलेगा कि नरेंद्र मोदी हिन्दुत्व को उभार कर राज कर रहा है। चीन में वहां की सरकार शिनजियांग प्रांत के जेहादी मुसलमानों का जो दमन कर रही है, उसको लेकर तो कोई नहीं कहता कि चीन सरकार ‘हान’ समुदाय  की जातीय भावना का शोषण कर रही है।

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