जल तपस्या के जरिये मोदी का विरोध

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वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर के नाम पर मंदिर पौराणिक मन्दिरों व प्राण-प्रतिष्ठित देव-विग्रहों को तोडे जाने के विरोध में गत तीन माह से अत्यन्त कठिन तपस्या कर रहे पूज्यपाद ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंन्द सरस्वती जी के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के समर्थन में देश में पहली बार अनूठे तरीके से पीएम मोदी का उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शहर में उनकी मौजूदगी में विरोध किया गया। शनिवार को कचनार में आयोजित पीएम की रैली के पूर्व सायं 5 बजे से माँ गंगा निषादराज सेवा समिति के महामंत्री श्री प्रमोद माझी ने अपने पूर्व घोषणा के अनुसार मोदी जी के वाराणसी में कदम रखते ही गङ्गा जी मे गले तक जल में खड़े होकर “आकण्ठ जल तपस्या ” प्रारम्भ कर दिया और जब तक पीएम वाराणसी में रहेंगे तब तक वे गङ्गा जी मे ही रहकर आकण्ठ जल तपस्या करेंगे ।

प्रमोद माझी के कठिन संकल्प को पूरा करने हेतु उपस्थित जन समुदाय ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की । प्रमोद माझी ने गङ्गा जी से प्रश्न किया कि हे माँ गंगा क्या आपने मोदी को मन्दिरों को तोड़ने हेतु बुलाया था? जब आपको गङ्गा जी ने बुलाया तो उनको क्यो भूल गये? और जब देश-विदेश घूम कर मन्दिर-मस्जिद जा रहे है तो मन्दिरों को क्यो तोड़ दिया?

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