कोरोना के लाक डाउन में समय बिताने के एक से बढ़ कर एक तरीके

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कोरोना के लाक डाउन में समय बिताने के एक से बढ़ कर एक तरीके हैं। जरूरत है आपको इसे आजमा कर देखने की। किताबें पढ़ सकते हैं। योगा सीख सकते हैं।
कोरोना के लाक डाउन में समय बिताने के एक से बढ़ कर एक तरीके हैं। जरूरत है आपको इसे आजमा कर देखने की। किताबें पढ़ सकते हैं। योगा सीख सकते हैं।

वाराणसी कोरोना के लाक डाउन में समय बिताने के एक से बढ़ कर एक तरीके हैं। जरूरत है आपको इसे आजमा कर देखने की। किताबें पढ़ सकते हैं। योगा सीख सकते हैं। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को रोकने के लिए किये गए लाक डाउन की मियाद 3 मई तक बढ़ा दिये जाने के बाद इन तरीकों पर एक बार गौर जरूर कीजिए। घर से बाहर निकलने पर लगी पाबंदी को बोझ समझकर बोरियत महसूस करने से संकट ख़त्म नहीं होने वाला है। इसलिए सकारात्मक सोचें और कुछ नए-नए तरीके आजमा कर अपने साथ परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने की कोशिश करें। घर की लक्ष्मण रेखा पार करके खतरा मोल लेने से तो यही अच्छा है कि इन पलों को अपनों के साथ अनमोल बनायें।

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घर पर फंसे नहीं हैं, बल्कि सुरक्षित हैं- सोच बदल कर देखें 

एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डा. रविंद्र कुशवाहा बताते हैं कि अगर बार-बार मन में आता है कि लाक डाउन के चलते फंस गया हूं तो उसके दूसरे पहलू पर भी तो गौर करिए कि घर में रहने के चलते ही हम सब सुरक्षित हैं। घर के जरूरी सामान ख़त्म होने पर नया कैसे आएगा, इस सोच के साथ दुखी होने से बेहतर होगा कि आज जितने सामान उपलब्ध हैं, उनका तो सही से इस्तेमाल करिए। यह सोच-सोच कर परेशान न हों कि सरकार किस तरह सब कुछ नियंत्रित करेगी, बल्कि यह तय करिए कि मैं खुद को नियंत्रित करता हूँ, सरकार तो सजग है ही। हर जगह शट डाउन चल रहा है, कैसे चलेगा- इसकी जगह विचार करिए कि हर जगह जरूरी सामान मिल भी तो रहे हैं।

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डा. कुशवाहा कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग का पूरा प्रयास है कि लाक डाउन के चलते उपजी परिस्थितियों के कारण लोग मानसिक तनाव का शिकार न होने पाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए टेलीफोन पर जरूरी परामर्श देने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने का भी काम चल रहा है। इसके जरिये लोगों को सुझाव दिये जा रहे हैं कि लाक डाउन के दौरान घर पर खुद को सक्रिय रखने के लिए कुछ मनपसंद पुस्तकें पढ़ सकते हैं। उपन्यास या प्रेरक कहानियां पढ़कर उससे मिली सीख को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शेयर कर सकते हैं।

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यह तरीका अगर परिवार के हर सदस्य आजमाते हैं तो समय अच्छे से व्यतीत होने के साथ ही नकारात्मक विचार भी मन में नहीं पनपने पायेंगे। इसके अलावा पसंदीदा फिल्में देख सकते हैं। नृत्य करने का शौक है तो उसका भी अभ्यास कर सकते हैं। मधुर संगीत भी सुन सकते हैं। फन गेम्स, बचपन के खेल, बारी-बारी पहेलियाँ या चुट्कुले, चित्रकारी करना, डायरी या कहानी लिखना, नए व्यंजन और रैसिपी बनाना सीखना, घर को नए तरीके से व्यवस्थित करना या सजाना, ऑनलाइन/ कोर्सेज, बारी-बारी गाने गाना और रिकॉर्डिंग करना इत्यादि। ये तरीके जहाँ परिवार वालों को पसंद आएंगे, वहीँ मानसिक स्वास्थ्य पर भी कोई गलत असर नहीं होगा।

ऑनलाइन योगा सीखने का बेहतरीन अवसर

कोरोना के बहाने घर पर समय बिताने को मिला है, उसका सदुपयोग कुछ इस तरह कर सकते हैं कि वह आपके पूरे जीवन काम आ सकता है। इस दौरान ऑनलाइन योगा व व्यायाम सीखा जा सकता है, जो आपके शरीर को चुस्त और फुर्तीला बना सकता है। इसके अलावा इसको बाद में दूसरों को भी सिखा सकते हैं। ध्यान (मेडिटेशन) का भी सहारा लिया जा सकता है।

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