केंद्र के प्रयासों देश में आ रही है डिजिटल क्रांति: राजीव रंजन 

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बंगाल की कुछ ऐसी खबरें,जिन्हें आप जानना चाहेंगे। DYFI कार्यर्ताओं ने पुलिस वालों को आज दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मौलाली का इलाका रण क्षेत्र बना रहा
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पटना। केंद्र के प्रयासों से देश में डिजिटल क्रांति आने की बात कहते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने इस दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा,  “ आम जनों के जीवन को सरल और सुविधायुक्त बनाने में डिजिटल तकनीकों के महत्व को समझते हुए आज केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। केंद्र के प्रयासों से आज देश में डिजिटल क्रांति आ रही है, जिससे सबसे ज्यादा फायदा सामान्य नागरिकों को हो रहा है।

याद करें तो इस सरकार से पहले डिजिटल माध्यमों का उपयोग कुछ खास तबकों तक ही सीमित था, लेकिन आज दूर-दराज बसे गाँवों में भी लोग इनका उपयोग कर रहे हैं। आज देश की एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है, वहीं 3 लाख कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से आज गांवों में रहने वाले लोगों को भी इन्टरनेट के माध्यम सरकारी-गैर सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

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आज भारत में लगभग 40 करोड़ स्मार्टफोन उपयोग में हैवहीं 32 करोड़ लोग ब्रॉडबैंड इस्तेमाल कर रहे हैं। गौर करें तो पहले 300-400 में लोगों को जितना डाटा मिलता था, उतने के लिए आज उन्हें मात्र 6-7 रु खर्च करने पड़ते हैं। हकीकत में यह सारी बातें इसका सबूत है कि आज देश लालटेन युग से आगे निकल पूरी तरह डिजिटल युग में पंहुच रहा है।

सस्ते मोबाइल फोनतेज़ इंटरनेटसस्ते डेटा के चलते आज लोगों को तेज और पारदर्शी तरीके से सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। आज लोगों को बिजली – पानी का बिल भरना होस्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेना होप्रोविडेंट फण्ड का मामला हो या पेंशन कालोगों को लंबी कतारों में लगने के लिए बाध्य नही होना पड़ता, केंद्र के प्रयासों से आज लगभग हर सुविधा ऑनलाइन मिल रही है। इसके अलावा आज शहरों में रेलवे स्टेशन या अन्य जगह लगे फ्री वाई-फाई  हॉटस्पॉटगरीब तथा मध्यम वर्गीय युवाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान दे रहे हैं। सिस्टम में तकनीक के प्रयोग से किसानों को भी फायदा हुआ है. आज GEM यानी  गवर्नमेंट इ-मार्केट के जरिए आज सुदूर गाँव में बैठा किसान या छोटे उद्योग भी सरकार या अन्यों को अपना माल बेच सकता है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं में व्याप्त लूट-खसोट को रोकने में भी डिजिटल तकनीकें काफी कारगर हथियार साबित हो रही हैं। आज DBT के जरिए लोगों को मिलने वाले सरकारी योजनाओं के पैसे सीधे उनके खाते में जा रहे हैं, जिससे देश के हजारों करोड़ रु बिचौलियों के हाथों में जाने से बचे हैं। 

आज डिजिटल ट्रांसक्शन  निरंतर बढ़ रहा है। भीम एप और रुपे कार्ड से ट्रांजेक्शन बहुत ही  आसान हुआ है। जून महीने में ही लगभग 41 हज़ार करोड़ का लेनदेन भीम एप से हुआ है। हकीकत में देश में हो रही यह क्रांति लोगों के हाथों में ताकत देने के साथ-साथ देश को भी मजबूत बनाने का काम कर रही है।”

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