कांग्रेस वोटकटवा पार्टी है, प्रियंका गांधी ने भी कबूल कर लिया हैः भाजपा

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बीजेपी ने आरजेडी से पूछा है कि उसके नेता तेजस्वी यादव इन दिनों कहां हैं। वे देश में हैं या विदेश, आरजेडी को पहले यह बताना चाहिए।
बीजेपी ने आरजेडी से पूछा है कि उसके नेता तेजस्वी यादव इन दिनों कहां हैं। वे देश में हैं या विदेश, आरजेडी को पहले यह बताना चाहिए।

पटना। कांग्रेस वोटकटवा पार्टी है, प्रियंका गांधी ने भी कबूल कर लिया है। भाजपा प्रवक्ता बतौर यह मेरा आरोप नहीं, बल्कि उनकी स्वीकोक्ति है। यह कहना है भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन का। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान को आधार बनाते एक बार फिर कांग्रेस पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस के कैसे दिन आ गए हैं, उसे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बयान से समझा जा सकता है।

दरअसल पार्टी की तारणहार के तौर पर उतारी गयी प्रियंका गांधी ने भी अब हथियार डाल दिए हैं। दो दिन पहले उन्होंने खुद यह स्वीकारा है कि उन्होंने वोट काटने के लिए अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। अब देश में अगली सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी की इतनी महत्वपूर्ण नेत्री यदि खुद की पार्टी को वोटकटवा कहें तो उस पार्टी की असलियत को समझा जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि कांग्रेस केवल वोटकटवा नहीं, बल्कि पिछलग्गू पार्टी भी है। बिहार में तो वह राजद की एक तरह से बी टीम बन कर रह गयी है। यहाँ तक कि टिकट के लिए भी इनके नेता कांग्रेस से ज्यादा लालू जी का आशीर्वाद प्राप्त करने की जुगत में लगे रहते हैं। अन्य राज्यों में भी इनकी यही स्थिति है।

यूपी में तो सपा, बसपा और रालोद ने गठबंधन में उसे शामिल तक नहीं किया, फिर भी कांग्रेस खुद से ज्यादा उसके प्रत्याशियों को जिताने की कोशिश कर रही है। दरअसल कांग्रेस यह मान चुकी है कि वह कितनी भी कोशिश कर ले, प्रधानमन्त्री मोदी का मुकाबला नहीं कर सकती। पार्टी में नयी जान फूंकने के लिए लायी गयी प्रियंका जी का यही बयान इसकी पुष्टि के लिए काफी है।

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श्री रंजन ने कहा कि यह देखने की बात है कि 134 वर्ष पुरानी कांग्रेस आज केवल वंशवाद और भ्रष्टाचार के कारण किस गर्त में पंहुच चुकी है। दरअसल इस पार्टी में वंशवाद ने ऐसी जड़ें जमा ली हैं कि यहाँ मेरिट की कोई कद्र ही नहीं है। यही वजह है कि आज इनके पास नेताओं के नाम पर सोने के चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए सामंतवादी युवराजों का जमावड़ा है, जिन्हें धरातल का कोई स्पष्ट ज्ञान नही है। इनके लिए राजनीति सेवा नहीं, मेवा पाने का माध्यम है। इसीलिए कभी पूरे देश पर राज करने वाली कांग्रेस आज खुद को वोटकटवा पार्टी मान चुकी है। कांग्रेस यह जान ले कि जनता उनके खेल को अच्छे से समझती है और इन चुनावों में उसकी और बुरी गत बनाने वाली है।

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