अनूठी मिसाल पेश कर रहे अदम्या अदिति गुरूकुल के रामभक्त रहमान

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रहमान के पटना स्थित गुरुकुल में सुंदरकांड पाठ
रहमान के पटना स्थित गुरुकुल में सुंदरकांड पाठ

PATNA : अनूठी मिसाल पेश कर रहे अदम्या अदिति गुरूकुल के रामभक्त रहमान। प्रत्येक माह एक मंगलवार को वह सुंदरकांड का पाठ कराते हैं। कहते हैं, मानसिक एकाग्रता बढ़ी है। पटना के नया टोला गोपाल मार्केट अवस्थित गुरु डॉक्टर एम रहमान के गुरुकुल अदम्या आदिति में समेकित रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हजारों छात्र एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं।

एक तरफ जहां पूरे देश धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की जा रही है, वहीं वर्षों से प्रत्येक माह के एक मंगलवार सुंदरकांड के पाठ करने की परंपरा इस गुरुकुल में सामाजिक सौहार्द के साथ ही साथ धार्मिक एकता की भी अनूठी मिसाल है। वेद, कुरान के ज्ञाता  इतिहासविद रहमान कहते हैं कि हिंदू और मुसलमान से बड़ा है एक सच्चा देशभक्त होना और जिस देश में लोग मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भगवान राम को पूजते हैं, उनके आदर्शों पर चलने में धर्म कहां आड़े आता है।

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पवन पुत्र हनुमान शक्ति के संवर्धक हैं। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के मन को एकाग्र करने तथा निराशा के भाव को समाप्त करने के लिए वर्षों से उनके संस्थान में उनके सहयोगी मुन्ना जी के अथक सहयोग से सुंदरकांड का पाठ होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म को आस्था से नहीं जोड़ा जा सकता। सुंदरकांड का पाठ मन-मस्तिष्क में नई ऊर्जा का सृजन करता है। इसी कारण से उनके संस्थान में प्रत्येक महीने के एक मंगलवार को सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। इसमें संस्थान में अध्ययनरत प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षकों से लेकर हजारों की तादाद में छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं।

अब तक उनके संस्थान से हजारों की तादाद में छात्र-छात्राएं क्लर्क से लेकर कलक्टर तक की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं।  ₹11, ₹51 और ₹101 की गुरु दक्षिणा में आज भी असहाय गरीब और दिव्यांग छात्रों को उनके गुरुकुल में शिक्षा दी जाती है और यह अनवरत चलता रहेगा। वे खुद ही दधीचि देह दान अभियान समिति से जुड़कर अपना संपूर्ण शरीर दान कर चुके हैं तथा अब तक दर्जनों लोगों को प्रेरित कर शरीर दान करवा चुके हैं।

गुरुकुल के निदेशक मुन्ना जी ने बताया कि सुंदरकांड के पाठ से छात्र-छात्राओं का मानसिक स्तर भी विकसित होता है। बिहार दारोगा परीक्षा में इनके संस्थान ने रिकॉर्ड स्थापित किया है कि संस्थान से अब तक 4000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। साथ ही साथ विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी इनके संस्थान से सफल छात्रों का औसत काफी बेहतर है। आज आयोजित सुंदरकांड पाठ में संस्थान के शिक्षक सुबोध कुमार मिश्रा, कुणाल जी, शशि कुमार सिंह, राज कुमार सिंह, शशि शरण भी उपस्थित थे।

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